राम रहीम पर रेप का केस होने पर खुद को बताया था नपुंसक, जज ने दिया ये जबरदस्त जवाब

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम कुछ समय से सुर्खियों में बने हुए है। कुछ दिनों पहले ही सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने रेप के दो मामले में 10-10 साल की सजा सुनाई है। जिसके बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम कोर्ट में ही रोने और गिड़गिड़ाने लगे और बीमार होने नाटक करने लगे थे।

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लेकिन, राम रहीम से जुड़ी एक और जानकारी सामने आ रही है। जिसे आप भी जानकार हैरान हो जायेंगे। दरअसल बात कुछ ऐसी है कि रेप के चार्ज से अपने आप को बचाने के लिए गुरमीत राम रहीम सिंह साल 1990 में दावा किया था कि वह नपुंसक है और वो किसी का रेप नहीं कर सकते।

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राम रहीम पर अगस्त से लेकर सितंबर 1999 तक दो रेप चार्ज लगा है। सीबीआई कोर्ट में ट्रायल के दौरान अपना पक्ष रखते हुए गुरमीत ने कहा, वह साल 1990 से सेक्स करने में असमर्थ है। इसलिए उसके ऊपर साल 1999 में किसी तरह के रेप का आरोप सिद्ध नहीं हो सकता है।

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सीबीआई जज जगदीप कुमार के सामने बयान दर्ज कराते हुए गुरमीत ने कहा, इस ग्राउंड पर ही उसके ऊपर लगे आरोप को खारिज किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में एक गवाह ने उसके ही बयान को खारिज कर दिया।

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जज ने गुरमीत सिंह के सभी बयां को खारिज करते हुए कहा गुरमीत जो भी बयां देते सब झूट थे क्युकी गवाहों के सामने गुरमीत के बयां टिकते ही नहीं थे। गुरमीत के बयानों के अनुसार वो नपुंसक है लेकिन यह सब गलत है क्योकि हॉस्टल के वार्डेन ने कहा था कि, गुरमीत की दो लड़कियां साल 1999 से डेरा हॉस्टल में रह रही है। इस तथ्य को देखते हुए उसका नपुंसकता का दावा फेल साबित होता है। जज ने उसे दोनों मामले में 10-10 साल की सजा सुनाई जो कि एक साथ नहीं चलेंगे।

 

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गुरमीत के खिलाफ ये केस साल २००२ से चला आ रहा था। जिसमे उन्हें 15 साल बाद 10 साल कि रेप और 10 साल कि मर्डर केस कि सजा मिली है।

 

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